Sunday, March 01, 2009

चौकडी


One of my friends, Rahul Raj, was trying to experiment with styles of poems and in turn he designed "चौकड़ी", a 4 liner poem, where the first three lines define the same object through different subjects (Science, Arts, Maths..). And the last one is a philosophical end to these.

Here is my first attempt to it...followed by a one in English by him. :)
--------------------------------------------------------
चाँद

खरबों किलोमीटर दूर होगा कोई मुझसे,
मेरे बेटे के खिलोने जैसा दिखता है जो,
फिर भी पूजती हूँ उसे, नत् होती हूँ,

खुद से ऊपर बैठा हर कोई बड़ा ही होता है.
--------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------
Wallet

So many murders for leather to preserve fate,
Handy, trendy, branded, I prefer it for my date,
My wallet is wet in tears, have recession in its eyes,

We shrink our life as we grow up in size.

(BY: Rahul Raj)

15 comments:

mayur said...

आपको पदके बहुत खुशी हुई,पूरा ब्लॉग पड़ा है कमेन्ट सिर्फ़ एक को दे रहा हूँ, हम अपने ज्जिवन मैं कभी न कभी ऐसा ही कुछ करना लिखना चाहते हैं ,पर आपने लिख दिया,साधुवाद-Dil se

mayur said...

my blog address is sarparast.blogspot.com visit any time you get time

sanjaygrover said...

kya har post par koi comment karna zaruri hai?
jayie, nahiN karta maiN .

शोभित जैन said...

'गागर में सागर' कहावत आपने चरितार्थ कर दी....
सिद्ध कर दिया कि pocket dynamite भी nuclear bombs से कम नहीं होते ....

Udan Tashtari said...

हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका हार्दिक स्वागत है. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाऐं.

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

Abhi said...

Bahut Achchha,
kabhi yahan bhi aayen,
http://jabhi.blogspot.com

वन्दना अवस्थी दुबे said...

बहुत सुंदर रचना......स्वागत है..

"VISHAL" said...

badhiya hai, aage bhi jari rakhiye.

-------------------------------------"VISHAL"

कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

ब्लाग संसार में आपका स्वागत है। लेखन में निरंतरता बनाये रखकर हिन्दी भाषा के विकास में अपना योगदान दें।
रचनात्मक ब्लाग शब्दकार को रचना प्रेषित कर सहयोग करें।
रायटोक्रेट कुमारेन्द्र

नारदमुनि said...

ham to isko chutki kahate hain.narayan narayan

devil!minku said...

hahah.. tears on wallet..y baba..

रचना गौड़ ’भारती’ said...

ब्लोगिंग जगत में आपका स्वागत है।
शुभकामनाएं।
लिखते रहिए, लिखने वालों की मनज़िल यही है।
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकून पहुंचाती है।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें

आनंदकृष्ण said...

आज आपका ब्लॉग देखा....... बहुत अच्छा लगा. मेरी कामना है की आपके शब्दों को नए अर्थ, नई ऊर्जा और विराट सामर्थ्य मिले जिससे वे जन सामान्य के सरोकारों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बन सकें.....
कभी समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर पधारें-
http://www.hindi-nikash.blogspot.com

सादर-
आनंदकृष्ण, जबलपुर

Gaurav Sharma said...

kya kahun....chaand aur wallet dono hi chaukri..saukri ki baat rakhtin hain :)
bahut zabardast..!!