Sunday, December 13, 2009

मेरा घर

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बहुत दिन हुए
ठीक से सोयी नहीं |
कोई नज़्म जो नहीं लिखी तूने...

घर के सिवा सुकूं
कहाँ मिले है?
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21 comments:

मनोज कुमार said...

waah..waah..waah... ! gaagar me saagar bhad diya aapne ! dard-e-dil kee mukhtsar bayaanagee achchhee lagee ! shukriya !!!

shashank mehta said...

Aur jab apna hi ghar katne ko daure to kahan jayen ?

Avinash Chandra said...

It's not just good.........it's sensational.
Bahut hi khoob, behtareen.
dheron badhayee.

Ravi Rajbhar said...

Wahhhhhhhhhh,
Vartika jee aap ka koi jabab nahi...!

अलीम आज़मी said...

bahut sunder aap likhte ho .....thodi si line bahut kuch kah gaye.......bahut umda
best regards
aleem azmi

अलीम आज़मी said...

plz see my blogs too and send urs comment .....
aapke comments ka intezaar rahega
thanx

अलीम आज़मी said...

this is my blogger links

http://aleemazmi.blogspot.com/
visit it

M VERMA said...

बेहतरीन रचना

संजय भास्कर said...

बहुत ही अच्‍छी कविता लिखी है
आपने काबिलेतारीफ बेहतरीन

Sanjay bhaskar
HARYANA
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

Ashish (Ashu) said...

मन को छूती रचना.
पर माफ कीजियेगा आपको नही लगता कि इतनी अच्छी रचना के लिये १-२ लाईने ऒर होनी चाहिये थी।

हरकीरत ' हीर' said...

बहुत दिन हुए
ठीक से सोयी नहीं |
कोई नज़्म जो नहीं लिखी तूने...

घर के सिवा सुकूं
कहाँ मिले है?

वर्तिका जी आप भी तो गज़ब का लिखती हैं .....वाह ....सुकून मिला ......!!

हरकीरत ' हीर' said...

वर्तिका जी किसी कविता को इतनी गहराई से पढना और इतनी गहराई से अर्थ ढूंढ कर लाना हर किसी के बस की बात नहीं ....मैं तो हैरान हूँ ये देख कि आपने किस कदर दिल के भीतर झाँका है .....शुक्रिया के लिए लफ्ज़ नहीं हैं मेरे पास ......इतनी कम उम्र में इतनी गहरी पकड़ ......???
और एक बात .....आपकी रचनायें भी उतना ही गहरा अर्थ लिए होतीं हैं शायद तभी आप इन शब्दों के मर्म तक पहुँच पाती हैं .....!!

m.s. said...

you write too well sometimes.

M VERMA said...

Happy New Year 2010

Shayaar said...

Gehri baat bahut khoob.

--Gaurav

Pramod Kumar Kush 'tanha' said...

simple but deep...

Pankaj Upadhyay said...

waah.. kaafi time se tumne bhi nahi likha hai.. kahan ho? reader mein feed sooni sooni hai.. :)

Ravi Rajbhar said...

are u ok..vartika jee?

Ruppin said...

Maa ki haath ki baasi roti bhi paanch sitara hotel ke pakwaan se acchi lagti hai, aur ghar jesa suku kahan,,,,,,,,,,,,

सतीश सक्सेना said...

शाबाश ! होली और मिलाद उन नबी की शुभकामनायें !

M VERMA said...

होली की शुभकामनाएँ